close

Internet Expert Solutions

Internet Expert Solutions

अगले 5-8 महीनों में इंटरनेट यूज़र की संख्या 50 करोड़ पहुंचने की उम्मीदः रविशंकर प्रसाद

दूरसंचार और सूचना प्रौद्योगिकी मंत्री रविशंकर प्रसाद ने उम्मीद जतायी कि आने वाले पांच से आठ महीने के भीतर देश में इंटरनेट इस्तेमाल करने वाले लोगों की तादाद बढ़कर 50 करोड़ के स्तर पर पहुंच जाएगी।

प्रसाद ने इंदौर मैनेजमेंट एसोसिएशन के एक कार्यक्रम में कहा, ‘देश में इंटरनेट का इस्तेमाल करने वाले लोगों की संख्या 40 करोड़ से ज्यादा हो चुकी है। मुझे उम्मीद है कि आने वाले पांच से आठ महीने में इनकी तादाद 50 करोड़ पर पहुंच जाएगी। हमारा अनुमान है कि इनमें से करीब 70 प्रतिशत लोग मोबाइल के जरिए इंटरनेट का इस्तेमाल करेंगे।’ उन्होंने बताया कि कोई 125 करोड़ की आबादी वाले भारत में फिलहाल लगभग 100 करोड़ मोबाइल फोन हैं। इस आंकड़े में हर महीने 20 से 35 लाख नए मोबाइल फोन जुड़ रहे हैं।

प्रसाद ने कहा, ‘नरेंद्र मोदी की अगुवाई वाली सरकार देश के लोगों की क्षमता और नवाचार को जगाने की कोशिश कर रही है। हम सुशासन और विकास के लिये सरकारी नीतियों और प्रक्रियाओं को लगातार आसान बना रहे हैं।’ उन्होंने कहा, ‘पूर्व प्रधानमंत्री अटलबिहारी वाजपेयी की सरकार राष्ट्रीय राजमार्गों के निर्माण के लिए मशहूर है। मौजूदा प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की सरकार सूचनाओं के राजमार्गों के निर्माण के लिये जानी जायेगी।’

दूरसंचार और सूचना प्रौद्योगिकी ने यह भी बताया कि देश में फिलहाल करीब 95 करोड़ लोगों के पास आधार कार्ड है। सरकार ने सुशासन के लिये आधार कार्ड को कई योजनाओं में अनिवार्य कर दिया है। अगर उच्चतम न्यायालय मंजूरी देगा, तो सारी सरकारी योजनाओं में आधार कार्ड को अनिवार्य कर दिया जायेगा।

उन्होंने बताया कि सरकार ऑप्टिकल फाइबर नेटवर्क से देश की ढाई लाख ग्राम पंचायतों को जोड़ने की योजना पर काम कर रही है। जब ये सभी पंचायतें इस नेटवर्क से जुड़ जायेंगी तो गांवों में ई-व्यापार, ई-शिक्षा, ई-स्वास्थ्य और अन्य योजनाएं शुरू की जा सकेंगी।

 

लेटेस्ट टेक न्यूज़, स्मार्टफोन रिव्यू और लोकप्रिय मोबाइल पर मिलने वाले एक्सक्लूसिव ऑफर के लिए गैजेट्स 360 एंड्रॉयड ऐप डाउनलोड करें और हमें गूगल समाचार पर फॉलो करें।

संबंधित ख़बरें

Source link

read more
Internet Expert Solutions

साल 2015 के सबसे ‘खराब पासवर्ड’ हैं ये, 123456 रहा सबसे आगे

स्प्लैशडेटा सॉफ्टवेयर ने साल 2015 के ‘सबसे खराब पासवर्ड’ की सूची जारी की है। लगातार तीसरे साल “123456” 25 ‘खराब पासवर्ड’ की लिस्ट में सबसे ऊपर रहा है। दूसरे पायदान पर “password” है और यह भी लगातार तीन साल से इस स्थान पर बरकरार है।

स्प्लैशडेटा की सूची के मुताबिक, “12345678” तीसरा सबसे खराब पासवर्ड है। पिछले साल यह चौथे स्थान पर था। चौथे और पांचवें पायदान पर क्रमशः “qwerty” और “12345” हैं। “123456789” ने एक बार फिर छठा स्थान हासिल किया है।

स्प्लैशडेटा की सूची में शामिल होने वाले खराब पासवर्ड में “football”, “baseball”, “welcome”, “dragon”, “master”, “monkey” और “passw0rd” भी हैं। “starwars” भी 2015 के सबसे खराब पासवर्ड की सूची में जगह बनाने में कामयाब रहा है।

नए डेटा से यह तो साफ है कि कीबोर्ड पर आसान पैटर्न वाले पासवर्ड बेहद ही लोकप्रिय हैं, चाहे वे कितने भी कमज़ोर ही क्यों ना हों।

गौर करने वाली बात है कि स्प्लैशडेटा की सूची में 2015 में लीक हुए पासवर्ड के डेटा को भी शामिल किया गया है। नए डेटा से यह भी खुलासा हुआ है कि लोग अब भी कमज़ोर पासवर्ड का इस्तेमाल कर रहे हैं जिनमें मात्र चार कैरेक्टर हैं। ज्यादातर मौकों पर सिर्फ अंक का ही इस्तेमाल किया जाता है। खराब पासवर्ड की सूची में “letmein”, “login”, “princess” और “solo” जैसे शब्द भी शामिल हैं।

Source link

read more
Internet Expert Solutions

गूगल और रेलटेल की मुफ्त वाई-फाई सेवा मुंबई सेंट्रल स्टेशन पर शुरू

गूगल इंडिया और भारतीय रेलवे की सहायक कंपनी रेलटेल ने शुक्रवार को मुंबई सेंट्रल रेलवे स्टेशन पर मुफ्त हाई-स्पीड वाई-फाई सेवा शुरू करने की जानकारी दी। याद दिला दें कि रेलवे स्टेशन पर मुफ्त वाई-फाई परियोजना की घोषणा प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने पिछले साल सितंबर में की थी। पीएम मोदी के अमेरिकी दौरे के दौरान इंटरनेट कंपनी गूगल ने बताया था कि वह 2016 तक भारतीय रेलवे के साथ मिलकर 400 स्टेशनों पर वाई-फाई सेवाएं उपलब्ध कराएगी।

शुक्रवार को बयान जारी करके गूगल इंडिया ने बताया कि वह साल के अंत तक ज्यादा भीड़-भाड़ वाले 100 रेलवे स्टेशनों पर मुफ्त वाई-फाई सेवा मुहैया कराएगी। बाद में इस सेवा का विस्तार 400 रेलवे स्टेशनों तक किया जाएगा। इलाहाबाद, पटना, जयपुर और रांची के रेलवे स्टेशन पर इस सेवा की शुरुआत जल्द होगी।

बयान में कहा गया है, ”भले ही सबसे पहले सिर्फ 100 स्टेशन ऑनलाइन होंगे। लेकिन यह प्रोजेक्ट उन लोगों की जिंदगी का हिस्सा बनेगा जो हर दिन रेलवे स्टेशन से गुजरते हैं। यह भारत के साथ पूरी दुनिया में सार्वजनिक जगहों पर दी जाने वाली सबसे बड़ी मुफ्त वाई-फाई सेवा होगी।”

गूगल रेलवायर पब्लिक वाई-फाई सर्विस को वाई-फाई फ़ीचर से लैस मोबाइल और टैबलेट से एक्सेस किया जा सकता है। बयान में नेटवर्क में लॉगइन करने के तरीके के बारे में भी बताया गया है।
 

यूज़र को अपने स्मार्टफोन के वाई-फाई सेक्शन में जाना होगा। इसके बाद रेलवायर नेटवर्क को चुनना होगा। फिर फोन के ब्राउज़र पर जाकर railwire.co.in वेबसाइट को खोलना होगा। वेबसाइट पर वाई-फाई लॉगइन पेज पर यूज़र से उसका मोबाइल नंबर पूछा जाएगा। इसके बाद Receive SMS पर प्रेस करना होगा। यूज़र को एसएमएस के जरिए 4 डिजिट वाला वन टाइम पासवर्ड मिलेगा। इसका ओटीपी को वाई-फाई लॉगइन स्क्रीन पर लिखकर Done को दबाना होगा। इसके बाद यूज़र को एक चेकमार्क दिखेगा जो यह बताएगा कि आप फ्री वाई-फाई से जुड़ गए हैं।

लेटेस्ट टेक न्यूज़, स्मार्टफोन रिव्यू और लोकप्रिय मोबाइल पर मिलने वाले एक्सक्लूसिव ऑफर के लिए गैजेट्स 360 एंड्रॉयड ऐप डाउनलोड करें और हमें गूगल समाचार पर फॉलो करें।

संबंधित ख़बरें

Source link

read more
Internet Expert Solutions

2016 के अंत तक 100 रेलवे स्टेशनों पर होगी गूगल वाई-फाई सेवा

रेल मंत्री सुरेश प्रभु ने शनिवार को कहा कि एक साल के भीतर कम से कम 100 रेलवे स्टेशनों पर गूगल द्वारा प्रायोजित वाई-फाई की सुविधा उपलब्ध होगी।

प्रभु ने ‘अखिल भारतीय सारस्वत सम्मेलन’ के मौके से अलग संवाददाताओं से कहा, “एक साल में हम लगभग 100 प्रमुख रेलवे स्टेशनों पर लोगों को गूगल वाई-फाई सुविधा उपलब्ध करा देंगे।”

गूगल के सीईओ सुंदर पिचई ने कैलिफॉर्निया के माउंटेन व्यू में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की यात्रा के दौरान 400 भारतीय रेलवे स्टेशनों पर मुफ्त वाई-फाई की सुविधा प्रदान करने के कंपनी के फैसले की घोषणा की थी।

इस योजना के अनुसार, 2016 के अंत तक 100 रेलवे स्टेशनों पर यह सुविधा उपलब्ध कराई जाएगी।

समारोह के मुख्य अतिथि प्रभु ने कहा, “गूगल वाई-फाई सुविधा के साथ ही हम भारतीय रेल और अन्य स्टेशनों पर आने जाने वाले यात्रियों को भी बेहतर सुविधाएं प्रदान करने के लिए प्रयासरत हैं।”

गौरतलब है कि शुक्रवार को ही मुंबई सेंट्रल रेलवे स्टेशन गूगल वाई-फाई सेवा से लैस देश का पहला स्टेशन बन गया।

Source link

read more
Internet Expert Solutions

यूट्यूब के पांच सबसे लोकप्रिय भारतीय विज्ञापन हैं ये, आप भी देखें

विज्ञापन किसी को भी नहीं पसंद। कभी-कभार ये इतने मज़ेदार होते हैं कि आपके चेहरे पर मुस्कान आ जाती है। कई बार विज्ञापन ऑनलाइन वीडियो देखते वक्त परेशानी का सबब बन जाते हैं, लेकिन उनमें से कुछ ऐसे भी होते हैं जिन्हें यूज़र बार-बार देखना पसंद करते हैं। ऑनलाइन वीडियो प्लेटफॉर्म यूट्यूब ने भारत के सबसे लोकप्रिय रचनात्मक विज्ञापनों की सूची जारी की है जिनमें से कुछ विज्ञापनों को 70 लाख से ज्यादा बार देखा गया है। यह हैं टॉप 5 विज्ञापन

1. एमटीएस होमस्पॉट
इस सूची में सबसे आगे है एमटीएस का वाई-फाई डॉन्गल का विज्ञापन। इस विज्ञापन में एक बच्चे को भगवान के साथ बहस करते हुए दिखाया गया है। बच्चे की शिकायत है कि वह उस घर में नहीं पैदा होना चाहता जहां कोई वाई-फाई कनेक्शन नहीं है। अंत में भगवान उपाय के तौर पर एमटीसी का प्रोडक्ट देते हैं और बच्चा खुश हो जाता है। इस विज्ञापन को 80 लाख से ज्यादा बार देखा गया है।

2. लाइफबॉय-चमकी
लाइफबॉय के इस विज्ञापन को आम ज़िंदगी से जोड़ने की कोशिश की गई है। यहां पर एक गर्भवती महिला प्रतिज्ञा करती है कि वह अपने हाथ हर बार धोएगी। विज्ञापन में दिखाया गया है कि महिला जिस गांव में रहती है वहां शिशु मृत्यु दर बहुत ज्यादा है। बताया गया है कि इस छोटी से आदत से लोग नवजात की जान बचा सकते हैं।

3. खुद को कर बुलंद
करीब 43 लाख बार देखा गया है बिरला सन लाइफ इंश्योरेंस को यह दिल छू लेने वाला विज्ञापन। इसमें एक पिता को एक ऑटिस्टिक लड़के की परवरिश करते हुए दिखाया गया है।

4. शॉप स्मार्ट विथ फ्लिपकार्ट
यह विज्ञापन ई-कॉमर्स कंपनी फ्लिपकार्ट का है, जिसमें एक महिला को दिल्ली में शॉपिंग के लिए एक ऑटोरिक्शे वाले को अलग-अलग दुकान पर ले जाते दिखाया गया है। अंत में ऑटो ड्राइवर महिला को फ्लिपकार्ट ऐप इस्तेमाल करने का सुझाव देता है। इस विज्ञापन को करीब 35 लाख बार देखा गया है।

5. सिंथॉल- अलाइव इज़ ऑफलाइन
सिंथॉल साबुन के इस विज्ञापन को करीब 25 लाख से ज्यादा बार देखा गया है। यह यूट्यूब के टॉप 5 भारतीय विज्ञापनों में से है। इसमें एक शख्स को प्रकृति की गोद में अच्छा वक्त बिताते दिखाया गया है। और वह ऑफलाइन भी है, यानी रोज की आपा-धापी से दूर।

यूट्यूब ने बताया है कि इन विज्ञापनों को एक अल्गोरिथम के जरिए चुना गया है। ये आंकड़ें जनवरी से नवंबर 2015 के बीच के हैं।

लेटेस्ट टेक न्यूज़, स्मार्टफोन रिव्यू और लोकप्रिय मोबाइल पर मिलने वाले एक्सक्लूसिव ऑफर के लिए गैजेट्स 360 एंड्रॉयड ऐप डाउनलोड करें और हमें गूगल समाचार पर फॉलो करें।

संबंधित ख़बरें

Source link

read more
Internet Expert Solutions

फ्लिपकार्ट एक्सचेंज ऑफ़रः सस्ते में मिल रहे हैं मोबाइल, टीवी और अन्य गैजेट

ई-कॉमर्स साइट फ्लिपकार्ट ने अपने नए ‘बिग एक्सचेंज डेज़’ ऑफर की घोषणा की है। इस स्कीम के तहत कंज़्यूमर अपने पुराने इलेक्ट्रॉनिक डिवाइस को एक्सचेंज करके नया खरीद सकते हैं। ई-कॉमर्स कंपनी ने जानकारी दी है कि अब से ‘बिग एक्सचेंज डेज़’ हर महीने के पहले दो दिन आयोजित किए जाएंगे।

‘बिग एक्सचेंज़ डेज़’ स्कीम के तहत कई स्मार्टफोन को छूट के साथ उपलब्ध कराया गया है। मोटोरोला मोटो जी (जेन 3), मोटो एक्स प्ले और आसुस ज़ेनफोन 2 स्मार्टफोन इस एक्सचेंज ऑफर का हिस्सा हैं।

यूज़र को अपने पुराने डिवाइस को एक्सचेंज करने के लिए कहीं जाने की ज़रूरत नहीं होगी। यह जिम्मेदारी कंपनी की होगी। यूज़र स्मार्टफोन के अलावा टैबलेट, लैपटॉप, टेलीविज़न, रेफरीजरेटर और वाशिंग मशीन भी एक्सचेंज ऑफर के तहत ख़रीद सकते हैं।

‘Big Exchange Days’ स्कीम में मोटोरोला मोटो जी (जेन 3) पर 6,000 रुपये, मोटो एक्स प्ले पर 9,000 रुपये, मोटो जी टर्बो पर 6,000 रुपये, एचटीसी डिज़ायर 828 पर 10,000 रुपये, आसुस ज़ेनफोन 2 पर 10,000 रुपये, मोटो एक्स स्टाइल पर 15,000 रुपये, माइक्रोमैक्स कैनवस पल्स 4जी पर 5,000 रुपये, नेक्सस 6पी पर 20,000 रुपये, लेनेवो ए2010 पर 2,000 रुपये और सैमसंग गैलेक्सी नोट 4 पर 20,000 रुपये तक की छूट मिलेगी। छूट पाने के लिए आपको अपना पुराना डिवाइस देना होगा। आप चाहें तो इस पेज पर जाकर सारे ऑफर के बारे में जान सकते हैं।

कंपनी ने बताया है कि स्मार्टफोन के लिए डिलिवरी एग्जीक्यूटिव आईएमईआई नंबर, स्क्रीन और हैंडसेट की स्थिति की जांच करेंगे। दूसरी तरफ टेलीविज़न, वाशिंग मशीन और लैपटॉप को भी एक्सचेंज करने से पहले कई तरह की जांच होगी।

 

Source link

read more
Internet Expert Solutions

अमेज़न के इस ऐप से मात्र 2 घंटे में होगी घर के राशन की डिलिवरी

अमेज़न इंडिया ने अमेज़न नाउ ऐप और सर्विस शुरुआत की है जिसके जरिए बंगलुरू में घर के ज़रूरी सामानों की डिलिवरी मात्र 2 घंटे में होगी। इसके अलावा कस्टमर के पास डिलिवरी टाइम निर्धारित करने का विकल्प रहेगा। डिलिवरी का समय तय करने के लिए ऐप का इस्तेमाल सुबह 10 बजे से लेकर रात 10 बजे के बीच करना होगा।

अमेज़न नाउ प्रोग्राम सिर्फ ऐप पर आधारित सर्विस है और इसे फिलहाल सिर्फ एंड्रॉयड प्लेटफॉर्म पर उपलब्ध कराया गया है। इस सेवा के तहत बंगलुरू के 70 पिन कोड आते हैं। ऐप को इस्तेमाल करने से पहले यूज़र को अपना पिनकोड बताना होगा। इसके बाद ऐप बताएगा कि यूज़र के चाहत के इलाके में सामान की डिलिवरी होती है या नहीं।

अमेज़न नाउ में खरीददारी का भुगतान करने के लिए कई विकल्प दिए गए हैं जिसमें कैश ऑन डिलिवरी भी शामिल है। अभी कंपनी ने बिग बाज़ार, रिलायंस फ्रेश, गॉदरेज नेचर बास्केट, बीपीसीएल इन एंड आउट, फूड वर्ल्ड और गुड फूड जैसे रिटेल स्टोर के साथ समझौता किया है। इस ऐप की मदद से यूज़र राशन, सब्जी, खाना, पर्सनल केयर, ब्यूटी प्रोडक्ट की डिलिवरी पा सकते हैं। अमेज़न नाउ सर्विस अगर बंगलुरू में सफल होती है तो आने वाले दिनों में इसे अन्य शहर में भी लॉन्च किया जाएगा।

अमेज़न फिलहाल 250 रुपये से ऊपर के ऑर्डर पर 20 रुपये का कैशबैक दे रही है। हर ऑर्डर पर सर्वाधिक 100 रुपये तक का कैशबैक पाया जा सकता है।

फ्लिपकार्ट नियरबाय, ग्रोफर्स, पेपरटैप, ओला स्टोर और टेरा कुछ चुनिंदा सर्विस हैं जो इस तरह की सेवाएं प्रदान करती हैं।

Source link

read more
Internet Expert Solutions

मोबाइल इंटरनेट यूज़र की संख्या जून तक हो जाएगी 37.1 करोड़ः रिपोर्ट

देश में मोबाइल इंटरनेट उपयोगकर्ताओं की संख्या जून 2016 तक बढ़कर 37.1 करोड़ हो जाएगी। यह जानकारी बुधवार को जारी एक रिपोर्ट से मिली। ‘भारत में मोबाइल इंटरनेट-2015’ रिपोर्ट इंटरनेट एंड मोबाइल एसोसिएशन ऑफ इंडिया (आईएएमएआई) और आईएमआरबी द्वारा जारी की गई है।

रिपोर्ट में कहा गया है, “दिसंबर 2015 में देश में 30.6 करोड़ मोबाइल इंटरनेट उपयोगकर्ता थे।”

रिपोर्ट के मुताबिक, उपयोगकर्ताओं के मासिक बिल में मोबाइल इंटरनेट खर्च का अनुपात 2014 के 54 फीसदी से बढ़कर 2015 में 64 फीसदी हो गया।

इस दौरान औसत मासिक बिल हालांकि साल-दर-साल आधार पर 18 फीसदी घटा है।

रिपोर्ट में कहा गया है, “दिसंबर में 30.6 करोड़ मोबाइल उपयोगकर्ताओं में से 21.9 करोड़ यूज़र शहरों के था। शहरी उपयोगकर्ताओं की संख्या में 71 फीसदी की वृद्धि देखने को मिली। दिसंबर 2014 की तुलना में ग्रामीण उपयोगकर्ताओं की संख्या में 87 फीसदी तेजी आई है। दिसंबर 2015 में यह आंकड़ा 8.7 करोड़ था।”

इस रिपोर्ट में कहा गया है कि पहली बार ऐसा हुआ है जब यूज़र ने सोशल मीडिया वेबसाइट से ज्यादा इंटरनेट का इस्तेमाल ऑनलाइन कम्युनिकेशन के िलए किया गया है। 80 फीसदी शहरी उपयोगकर्ता इसका इस्तेमाल ऑनलाइन कम्युनिकेशन के लिए करते हैं जबकि 74 फीसदी मोबाइल इंटरनेट का इस्तेमाल सोशल मीडिया साइट ब्राउज़ करने के लिए।

हालांकि, ग्रामीण इलाकों में ज्यादातर उपयोगकर्ता इसका इस्तेमाल मनोरंजन के लिए करते हैं।

Source link

read more
Internet Expert Solutions

अब इंडियन ऑयल पेट्रोल पंप पर तेल के लिए पेटीएम करें

पेटीएम के संस्थापक विजय शेखर शर्मा ने अपने फेसबुक पेज पर घोषणा की है कि अब पेटीएम यूज़र इंडियन ऑयल के पेट्रोल पंप से तेल खरीदने के लिए भुगतान इस मोबाइल वॉलेट के जरिए कर पाएंगे। कंपनी की इस योजना को अभी चुनिंदा पेट्रोल पंप पर ही लागू किया गया है।

पिछले कुछ दिनों में पेटीएम, मोबीक्विक और फ्रीचार्ज़ जैसे कंपनियां डेबिट कार्ड का विकल्प बनकर उभरी हैं। अब तक इन फ्लेटफॉर्म का इस्तेमाल ऑनलाइन ट्रांजेक्शन के लिए होता रहा है। इनकी कोशिश अब ऑफलाइन में जगह बनाने की है। उदाहरण के तौर पर पेटीएम और दिल्ली मेट्रो मिलकर पेटीएम टोकन पर काम कर रहे हैं। इसके अलावा छोटे व्यपारियों के लिए क्यूआर कोड पर आधारित बिना कैश वाले पेमेंट पर भी काम चल रहा है।

इसके साथ कंपनी ने आईसीआईसीआई बैंक के साथ मिलकर वर्चुअल प्रीपेड कार्ड निकालने की भी बात कही है। यह एक फिज़िकल कार्ड होगा जिसका इस्तेमाल उन दुकान में किया जा सकेगा जो कार्ड पर आधारित पेमेंट लेते हैं। यूज़र अब अपने पेटीएम वॉलेट में आईसीआईसीआई बैंक से पैसा डाल सकते हैं और इसके लिए आपके पास आईसीआईसीआई बैंक का अकाउंट भी होना ज़रूरी नहीं है।

हो सकता है कि पेटीएम जल्द ही डेबिट कार्ड भी ज़ारी करे। इसके बाद आप अपने मोबाइल वॉलेट के पैसे को एटीएम से भी निकाल पाएंगे।

पेट्रोल पंप पर पेटीएम के जरिए भुगतान करने की प्रक्रिया क्या है, यह अभी साफ नहीं है। हमने इसके बारे में पेटीएम से जानकारी मांगी है। कुछ पता चलते हैं कि हम आप से साझा करेंगे।

ज्ञात हो कि पेटीएम की मालिक कंपनी वन97 ने गैजेट्स 360 में निवेश किया है।

लेटेस्ट टेक न्यूज़, स्मार्टफोन रिव्यू और लोकप्रिय मोबाइल पर मिलने वाले एक्सक्लूसिव ऑफर के लिए गैजेट्स 360 एंड्रॉयड ऐप डाउनलोड करें और हमें गूगल समाचार पर फॉलो करें।

संबंधित ख़बरें

Source link

read more
Internet Expert Solutions

अमेज़न इंडिया से खरीदे गए मोबाइल पर अब नहीं मिलेंगे पैसे वापस

ई-कॉमर्स साइट अमेज़न इंडिया से मोबाइल फ़ोन खरीदने वाले यूज़र के लिए अहम जानकारी सामने आई है। 7 फरवरी या उसके बाद से जिन मोबाइल फोन पर fulfilled by Amazon का टैग रहेगा, उन हैंडसेट के लिए यूज़र रीफंड नहीं हासिल कर पाएंगे। दरअसल, अमेज़न इंडिया ने 7 फरवरी को अपनी रिटर्न पॉलिसी में बदलाव किया। अब खरीददार अमेज़न की साइट से खरीदे मोबाइल को क्षितग्रस्त और खराब पर ही वापस कर पाएंगे। अमेज़न इंडिया की नई रिटर्न पॉलिसी यही कहती है।

अमेज़न इंडिया की नई रिटर्न पॉलिसी में लिखा है, जिन मोबाइल फोन को अमेज़न द्वारा सर्टिफाई किया गया है, उन्हें अब सिर्फ बदला जा सकता है। fulfilled by Amazon टैग वाले मोबाइल फोन पर अब पैसे वापस नहीं मिलेंगे।

अमेज़न ने कहा है, ”जिन यूज़र को ख़राब या क्षितग्रस्त मोबाइल फोन मिला है। उनके हैंडसेट को ख़रीदारी के 10 दिन के अंदर ही बदल दिया जाएगा।”

वैसे, कंपनी की पुरानी रिटर्न पॉलिसी कई अन्य कैटेगरी में जारी है। अब यूज़र 7 से 30 दिन के अंदर इन चुनिंदा कैटेगरी के सामानों को वापस कर सकते हैं। अमेज़न इंडिया ने उन कैटेगरी का भी ज़िक्र किया है जिन पर रिटर्न पॉलिसी लागू नहीं है।

मज़ेदार बात यह है कि अमेज़न इंडिया ने मोबाइल फोन के लिए अपनी रिटर्न पॉलिसी में बदलाव किया है। वहीं, फ्लिपकार्ट ने पिछले साल अक्टूबर महीने में नई रिटर्न पॉलिसी पेश की थी जिसके तहत यूज़र कोई भी सामान नहीं पसंद आने पर 10 दिन के अंदर लौटाकर उसकी कीमत पा सकते हैं। फैशन और बुक कैटेगरी के प्रोडक्ट को भी डिलिवरी के 30 दिन के अंदर लौटाना संभव है।

वहीं, स्नैपडील पर आप किसी सामान को पसंद नहीं आने पर नहीं लौटा सकते। हालांकि, क्षतिग्रस्त और खराब मोबाइल फोन को 7 दिन के अंदर लौटाया जाना संभव है।

ज्ञात हो कि अमेज़न इंडिया और अन्य ई-कॉमर्स साइट को गैजेट्स 360 के ई-शॉप के प्रतियोगियों के तौर पर देखा जाता है।

Source link

read more